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2026 की तैयारी में भाजपा, संगठन से लेकर SIR-NRC तक बोले सुकांत मजूमदार

दुर्गापुर:-2026 के विधानसभा चुनावों से पहले पश्चिम बंगाल भाजपा ने अपनी चुनावी तैयारियों को तेज कर दिया है। इसी कड़ी में संगठनात्मक बैठक के बाद केंद्रीय राज्य मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता सुकांत मजूमदार ने मीडिया से बातचीत की और कई अहम मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी।
सबसे पहले संगठनात्मक बैठक को लेकर सुकांत मजूमदार ने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के रूप में कार्यभार संभालने के बाद यह उनका बंगाल की धरती पर पहला दौरा है। इस दौरान उन्होंने दुर्गापुर में आयोजित ‘कमल मेला’ का उद्घाटन किया, जहां प्रसिद्ध गायिका मोनाली ठाकुर ने अपनी प्रस्तुति दी।
मजूमदार ने बताया कि इस बैठक में पश्चिम बंगाल भाजपा के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे, जिनमें दिलीप घोष, राहुल सिन्हा और नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी भी शामिल रहे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष ने संगठन के हर छोटे-बड़े पहलू पर बारीकी से चर्चा की और आगे की रणनीति को लेकर स्पष्ट मार्गदर्शन दिया।
इसके बाद सुकांत मजूमदार ने एसआईआर यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन को लेकर उठ रहे विवाद पर विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दल जानबूझकर एसआईआर को लेकर भ्रम फैला रहे हैं।
मजूमदार के मुताबिक, चुनाव आयोग पहले ही कोर्ट को बता चुका है कि यह प्रक्रिया देश के करीब 11 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में चल रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर यह प्रक्रिया पूरे देश में हो रही है, तो हंगामा सिर्फ पश्चिम बंगाल में ही क्यों मचाया जा रहा है।
अखिलेश यादव के उस बयान पर पलटवार करते हुए, जिसमें उन्होंने एसआईआर को एनआरसी बताया था, सुकांत मजूमदार ने साफ कहा कि एनआरसी कराना केंद्र सरकार का काम है, चुनाव आयोग का नहीं।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश यादव अपने “ज्यादा ज्ञान” के कारण ही बार-बार चुनाव हार रहे हैं।
2026 के विधानसभा चुनावों को लेकर सुकांत मजूमदार ने दावा किया कि भाजपा पूरी तरह तैयार है और 100 प्रतिशत भरोसे के साथ बंगाल में सरकार बनाने जा रही है।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सिंगूर रैली पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले मुख्यमंत्री जनता को झूठे वादे और आश्वासन देंगी, जैसे आवास योजना के पैसे बांटना।
मजूमदार ने कहा कि भाजपा अगर सत्ता में आती है, तो सिर्फ वादे नहीं, बल्कि लोगों को वास्तव में पक्के घर मिलेंगे।
कुल मिलाकर, संगठनात्मक मजबूती से लेकर चुनाव आयोग की प्रक्रिया और विपक्ष पर हमलों तक—सुकांत मजूमदार के बयान साफ संकेत देते हैं कि 2026 की लड़ाई के लिए भाजपा ने पूरी तरह कमर कस ली है।

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