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दो दिवसीय बंगाल दौरे पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, दुर्गापुर कमल मेले का किया उद्घाटन..

राड़ बांगला की धरती से की बंगाल विजय की घोषणा.

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अमर देव पासवान

दुर्गापुर (पश्चिम बंगाल)।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नविन ने अपने दो दिवसीय पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान आसनसोल-दुर्गापुर के चित्रालय मैदान में नागरिक समाज द्वारा आयोजित कमल मेले का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने मेले में निर्मित राम मंदिर में विराजमान भारत माता की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर नमन किया।
कमल मेले की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि इसमें बंगाल के गौरवशाली इतिहास और समृद्ध संस्कृति को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। मेले में मातंगनी हाजरा, कमला दास गुप्ता, गीता दत्त, कल्पना दत्त, श्यामा प्रसाद मुखर्जी, सुभाष चंद्र बोस, किशोर कुमार, उत्तम कुमार और कविगुरु रवींद्रनाथ टैगोर जैसी महान विभूतियों को विशेष स्थान दिया गया।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नविन ने इन सभी महापुरुषों को नमन करते हुए कहा कि बंगाल की सांस्कृतिक विरासत पूरे देश की धरोहर है। उन्होंने 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में बंगाल के युवाओं और महिलाओं की अहम भूमिका पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि यह वही धरती है जहाँ माँ दुर्गा और माँ काली की आराधना होती है और यही बंगाल की पहचान है। माँ दुर्गा और माँ काली की भक्ति केवल बंगाल तक सीमित नहीं, बल्कि पूरा देश इससे जुड़ा हुआ है। इस सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को आगे बढ़ाकर ही विकसित भारत का सपना साकार किया जा सकता है।
नितिन नविन ने भाजपा कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे बंगाल की कला, संस्कृति और धार्मिक परंपराओं को प्राथमिकता देते हुए ऐसे आयोजनों को आगे बढ़ाएँ। साथ ही उन्होंने हाल ही में कोलकाता में आग की घटना में मारे गए श्रमिकों पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि इस दुख की घड़ी में पूरा भाजपा परिवार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा है।
इस मौके पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य और नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी भी मौजूद रहे। उन्होंने बंगाल की मौजूदा स्थिति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राज्य में शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और विकास व्यवस्था बुरी तरह चरमरा चुकी है। साथ ही उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और उपलब्धियों को भी जनता के सामने रखा।
नितिन नविन के पहले बंगाल दौरे को लेकर राजनीतिक हलकों में खासा चर्चा है। चर्चा का कारण यह है कि उन्होंने अपने दौरे की शुरुआत दुर्गापुर और आसनसोल से की, जो राड़ बांगला क्षेत्र का अहम हिस्सा माना जाता है। यह क्षेत्र छोटा नागपुर पठार से जुड़ा है और पश्चिम बर्धमान, पूर्व बर्धमान, पुरुलिया, बांकुड़ा, बीरभूम, मेदिनीपुर, हावड़ा, हुगली, नदिया और मुर्शिदाबाद जैसे जिलों को समेटे हुए है।
इन क्षेत्रों की सीमा झारखंड से लगती है और यहाँ हिंदी भाषी मतदाताओं की बड़ी संख्या है। आसनसोल और दुर्गापुर की कुल 9 विधानसभा सीटों पर हिंदी भाषी मतदाता किसी भी राजनीतिक दल की दिशा और दशा तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं। यही कारण है कि भाजपा ने राड़ बांगला की धरती से 2026 विधानसभा चुनाव का शंखनाद कर दिया है, जिससे ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस के लिए आने वाला चुनाव चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।

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