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आसनसोल में तृणमूल का भाजपा पर हमला, “बम के सहारे बदलाव” लाने का आरोप; केंद्र सरकार की योजनाओं पर भी उठाए सवाल

आसनसोल, पश्चिम बंगाल:
आसनसोल के साउथ विधानसभा क्षेत्र स्थित तृणमूल कांग्रेस कार्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और आसनसोल नगर निगम के बोरो चेयरमैन देबासिस सरकार ने भाजपा और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला।
देबासिस सरकार ने तृणमूल के सोशल मीडिया पेज पर साझा किए गए एक वायरल वीडियो का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि भाजपा बंगाल में “बम के सहारे बदलाव” लाना चाहती है। उनका दावा है कि यह वीडियो भाजपा की आसनसोल साउथ की विधायक अग्निमित्रा पाल की कांथी में आयोजित परिवर्तन रथ यात्रा के दौरान का है।
तृणमूल नेता के अनुसार यह वीडियो किसी विरोधी दल ने नहीं, बल्कि खुद भाजपा कार्यकर्ताओं ने अपने मोबाइल से रिकॉर्ड किया था और बाद में सोशल मीडिया पर साझा कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि वीडियो में कुछ भाजपा कार्यकर्ता बातचीत के दौरान यह कहते सुनाई दे रहे हैं कि लोकसभा चुनाव के समय बमबाजी की गई थी और उसी के सहारे जीत हासिल की गई।
देबासिस सरकार ने कहा कि भाजपा निष्पक्ष तरीके से चुनाव जीतने में असफल रही है और हिंसा का सहारा ले रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि तृणमूल के सोशल मीडिया पोस्ट में यह उल्लेख किया गया है कि कांथी लोकसभा चुनाव में जीत हासिल करने के लिए भी बमबाजी का सहारा लिया गया था। हालांकि इन आरोपों पर भाजपा की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
इसी संवाददाता सम्मेलन में देबासिस सरकार ने केंद्र की भाजपा सरकार की नीतियों और योजनाओं पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में केंद्र सरकार की कई महत्वाकांक्षी योजनाएँ अपेक्षित परिणाम देने में विफल रही हैं।
उन्होंने नोटबंदी, मेक इन इंडिया, स्वच्छ भारत मिशन, नदियों की सफाई, बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ, महंगाई कम करने की योजना, बुलेट ट्रेन परियोजना और आवास योजना समेत कई योजनाओं का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि इनका वास्तविक लाभ आम जनता तक नहीं पहुंच पाया।
महंगाई के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए उन्होंने कहा कि देश में पेट्रोल की कीमतें 100 रुपये के पार पहुंच चुकी हैं और रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। उन्होंने किसानों की आय दोगुनी करने के वादे, वन नेशन वन टैक्स (जीएसटी), 100 स्मार्ट सिटी, प्रदूषण मुक्त भारत और अन्य योजनाओं को भी विफल करार दिया।
देबासिस सरकार ने प्रश्नपत्र लीक जैसे मामलों का भी जिक्र करते हुए कहा कि इन मुद्दों पर न तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न ही भाजपा के अन्य नेता स्पष्ट जवाब दे रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनावी माहौल के बीच इस तरह के आरोप–प्रत्यारोप से पश्चिम बंगाल की राजनीति और गरमाने की संभावना है। वहीं तृणमूल नेताओं का कहना है कि बंगाल की जनता सब कुछ देख और समझ रही है और समय आने पर इसका जवाब देगी।

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