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तृणमूल पार्षद उत्पल सिंघ के सोशल मीडिया पोस्ट से सियासी हलचल

कोयला, बालू और लोहे की वसूली पर उठाए सवाल, ‘विश्वासपात्रों’ और वसूलीबाज नेताओं पर साधा निशाना

आसनसोल, पश्चिम बंगाल आसनसोल नगर निगम के तृणमूल कांग्रेस पार्षद उत्पल सिंघ के एक सोशल मीडिया पोस्ट ने पश्चिम बर्धमान की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। अपने पोस्ट में उन्होंने राज्य में चल रहे कथित “शुद्धिकरण अभियान” का उल्लेख करते हुए कोयला, बालू और लोहे के कारोबार से जुड़ी अवैध वसूली को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
उत्पल सिंघ ने लिखा कि उनकी नजर में पश्चिम बर्धमान में कोयला, बालू और लोहे के पैसे की वसूली में कुछ तथाकथित “विश्वासपात्र” लोग शामिल थे। उन्होंने आरोप लगाया कि कई अच्छे और समर्पित कार्यकर्ता लालच और दबाव में गलत रास्ते पर चले गए तथा नेता बनने की होड़ में उन्हें कोलकाता तक पैसे पहुंचाने पड़ते थे।
अपने पोस्ट में उन्होंने यह भी कहा कि जो युवा कभी अच्छे राजनीतिक कार्यकर्ता थे, वे आज हालात के कारण “चोर” बन गए हैं। इसके लिए उन्होंने उन नेताओं को जिम्मेदार ठहराया, जिन्होंने आदर्श राजनीतिक कार्यकर्ता तैयार करने के बजाय कथित तौर पर गुंडों और वसूलीबाजों को बढ़ावा दिया।
पार्षद ने आगे लिखा कि ऐसे नेताओं की गिरफ्तारी बेहद जरूरी है और यदि वास्तव में समाज का शुद्धिकरण होता है, तो एक बंगालवासी होने के नाते उन्हें खुशी होगी।
उत्पल सिंघ के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। हालांकि उनके पोस्ट में किसी व्यक्ति या नेता का नाम नहीं लिया गया है, लेकिन इसे लेकर विभिन्न स्तरों पर अटकलें लगाई जा रही हैं। फिलहाल तृणमूल कांग्रेस की ओर से इस पोस्ट पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सत्तारूढ़ दल के एक जनप्रतिनिधि द्वारा सार्वजनिक मंच पर इस तरह की टिप्पणी करना पश्चिम बर्धमान की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।

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