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सत्ता बदली, रंग बदला! अवैध बालू कारोबार का ‘बादशाह’ फिर मैदान में, भाजपा नेताओं से सेटिंग के आरोप

तृणमूल शासन में कथित तौर पर अवैध बालू कारोबार से मालामाल हुआ कारोबारी, अब भाजपा सरकार में नए सिरे से कारोबार खड़ा करने की तैयारी की चर्चा

बालू माफिया का नया दांव! पहले तृणमूल की छत्रछाया, अब भाजपा से नजदीकी बढ़ाकर फिर जमाने की कोशिश ‘साम्राज्य’

सूर्यनगर दामोदर घाट क्षेत्र में राजनीतिक संरक्षण के दम पर अवैध कारोबार चलाने के आरोप, सत्ता परिवर्तन के बाद फिर सक्रिय होने की अटकलें तेज

आसनसोल, पश्चिम बंगाल आसनसोल के हीरापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत सूर्यनगर दामोदर नदी घाट इलाके में अवैध बालू कारोबार को लेकर एक बार फिर चर्चाओं का बाजार गर्म है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस के शासनकाल में परिमल नामक एक कारोबारी ने राज्य के एक प्रभावशाली तृणमूल नेता की कथित छत्रछाया में रहकर दामोदर नदी घाट से बड़े पैमाने पर अवैध रूप से बालू उठाने और उसके कारोबार को अंजाम देने का काम किया था।
सूत्रों का दावा है कि उस दौरान इलाके में एक नहीं बल्कि कई बालू स्टॉक प्वाइंट बनाए गए थे, जहां बालू को जमा कर उसकी प्रोसेसिंग और बिक्री की व्यवस्था की गई थी। आरोप है कि प्रशासन की नजरों से बचते हुए लंबे समय तक अवैध तरीके से बालू का कारोबार चलाया गया, जिससे संबंधित कारोबारी को भारी आर्थिक लाभ हुआ।
हालांकि राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद हालात बदल गए। भाजपा सरकार बनने के बाद दामोदर नदी घाट क्षेत्र में अवैध बालू कारोबार पर प्रशासनिक कार्रवाई और निगरानी बढ़ने से यह कारोबार लगभग ठप पड़ गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस इलाके में कभी दिन-रात गतिविधियां नजर आती थीं, वहां अचानक सन्नाटा छा गया।
अब क्षेत्र में चर्चा है कि उक्त कारोबारी ने अपनी राजनीतिक निष्ठा बदलते हुए भाजपा के कुछ नेताओं से नजदीकियां बढ़ानी शुरू कर दी हैं। सूत्रों का दावा है कि वह एक बार फिर बालू कारोबार में सक्रिय होने की तैयारी में जुटा है और इसके लिए राजनीतिक संपर्कों का सहारा लेने की कोशिश कर रहा है।
हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और न ही संबंधित कारोबारी अथवा भाजपा नेताओं की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है।
फिलहाल इलाके में यह सवाल चर्चा का विषय बना हुआ है कि क्या सत्ता परिवर्तन के साथ राजनीतिक समीकरण बदलने से अवैध कारोबार को फिर से बढ़ावा मिलेगा, या प्रशासन ऐसे किसी भी प्रयास पर सख्ती से रोक लगाएगा। आने वाले दिनों में प्रशासन की कार्रवाई और क्षेत्र की गतिविधियों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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