आसनसोल, पश्चिम बंगाल आसनसोल के कुलटी थाना क्षेत्र के बराकर स्टेशन रोड स्थित आलू गद्दी इलाके के 24 वर्षीय युवक सोनू विश्वकर्मा की रहस्यमय मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। रविवार से लापता युवक का शव बुधवार को नियामतपुर थाना क्षेत्र के बेना ग्राम स्थित घने जंगलों से बरामद होने के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई। शव की पहचान होते ही परिजनों में कोहराम मच गया, जबकि स्थानीय लोगों ने न्याय की मांग को लेकर सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया।
पुलिस के अनुसार, बुधवार सुबह बेना ग्राम के कुछ ग्रामीण जंगल के पास से गुजर रहे थे, तभी उन्हें तेज दुर्गंध महसूस हुई। दुर्गंध का स्रोत जानने के लिए जब लोग जंगल के भीतर पहुंचे तो वहां एक सड़ी-गली लाश पड़ी मिली। घटना की सूचना तत्काल नियामतपुर थाना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही नियामतपुर और कुलटी पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू की।
प्रारंभिक जांच के दौरान पुलिस को संदेह हुआ कि शव किसी लापता युवक का हो सकता है। इसके बाद बराकर पुलिस फाड़ी क्षेत्र से लापता युवक सोनू विश्वकर्मा के परिजनों को बुलाया गया। परिजनों ने मौके पर पहुंचकर शव की पहचान सोनू के रूप में की। पहचान होते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। सोनू की मां अपने बेटे का शव देखकर बदहवास हो गईं और रो-रोकर उनका बुरा हाल हो गया।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए आसनसोल जिला अस्पताल भेज दिया। पोस्टमार्टम के बाद जब शव बराकर लाया गया तो स्थानीय लोगों और परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने शव को सड़क पर रखकर टायर जलाए और प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने हत्या के आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग की।
मृतक के पिता गणेश विश्वकर्मा ने बताया कि रविवार रात सोनू घर से यह कहकर निकला था कि वह पड़ोस में रहने वाले एक मित्र के घर रुकने जा रहा है। लेकिन अगले दिन सुबह तक वह घर नहीं लौटा। काफी खोजबीन के बावजूद जब उसका कोई पता नहीं चला तो कुलटी थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई। इस दौरान सोनू का मोबाइल फोन भी लगातार बंद मिला, जिससे परिजनों की चिंता और बढ़ गई।
स्थानीय लोगों के अनुसार, सीसीटीवी और प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी में पता चला है कि सोनू को रविवार रात हॉस्पिटल रोड इलाके में एक युवक के साथ मोटरसाइकिल पर जाते देखा गया था। बताया जाता है कि मोटरसाइकिल का नंबर WB 38BC 7900 था। इसके बाद सोनू और उसका साथी लच्छीपुर मोड़ स्थित एक बिरयानी दुकान में खाना खाते हुए दिखाई दिए थे।
जानकारी के अनुसार, बिरयानी खाने के बाद दोनों नियामतपुर होते हुए कुलटी के रास्ते डिसरगढ़ स्थित मैगजीन हाउस क्षेत्र पहुंचे। वहां सोनू की मुलाकात एक अन्य युवक से हुई थी। प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि सोनू को उसका दोस्त उसी युवक के पास छोड़कर चला गया था। इसके बाद क्या हुआ, सोनू किस परिस्थिति में बेना ग्राम के जंगल तक पहुंचा और उसकी मौत कैसे हुई, यह अब भी रहस्य बना हुआ है।
मामले को और भी गंभीर बनाते हुए परिजनों ने दावा किया है कि सोनू के लापता होने के दौरान उनके पास एक फोन कॉल आया था। कॉल करने वाले व्यक्ति ने कथित तौर पर छह लाख रुपये तैयार रखने की बात कही थी। इस खुलासे के बाद अपहरण और फिर हत्या की आशंका और गहरा गई है। हालांकि पुलिस ने अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
घटना के बाद पूरे बराकर और कुलटी क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते युवक का पता चल जाता तो शायद उसकी जान बचाई जा सकती थी। लोगों ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष और तेज जांच की मांग की है।
वहीं पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे लोगों और परिजनों को आश्वस्त किया है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरे घटनाक्रम का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। कॉल डिटेल, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
फिलहाल सोनू विश्वकर्मा की मौत कई सवाल खड़े कर रही है। क्या यह सुनियोजित हत्या थी? क्या युवक का अपहरण किया गया था? छह लाख रुपये की मांग करने वाला कौन था? और आखिर सोनू की मौत के पीछे असली वजह क्या थी? इन सभी सवालों के जवाब अब पुलिस जांच के बाद ही सामने आ पाएंगे। पूरे इलाके की नजरें अब इस बहुचर्चित मामले की जांच और पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।





