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आसनसोल मे नही थम रही तृणमूल की अंदरूनी कलह आईएनटीटीयुसी नेता ने अपने ही पार्टी के नेता के खिलाफ खोला मोर्चा दी उग्र आंदोलन की चेतावनी

आसनसोल, पश्चिम बंगाल के आसनसोल मे तृणमूल के बिच चल रही अंदरूनी कलह थमने का नाम नही ले रही है, जिसकी जीती जागती तसवीरें आसनसोल के संतजोशप स्कुल के ठीक सामने बनी आसनसोल नगर निगम द्वारा पार्क को लेकर छिड़ी तृणमूल के एक आईएनटीटीयुसी नेता राजू अहलुवालिया और आसनसोल नगर निगम के मेयर सह तृणमूल विधायक विधान उपाध्याय के बिच जंग को लेकर है, राजू अहलुवालिया ने अपने ही पार्टी के मेयर विधान उपाध्याय के ऊपर यह गंभीर आरोप लगाया है की उन्होंने पार्क के नाम पर संतजोशप स्कुल के सामने दुकान चला रहे दुकानदारों को यह कहकर दुकान हटवाया की वह उनको कहीं और दुकान बनाकर देंगे, पर ऐसा हुआ नही तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी दुकानदारों को दुकान नही मिली वह सड़क पर आ गए हैं, वह और उनका परिवार भूखे मरने पर मजबूर हो गया है, ऐसे मे मेयर ने पार्क मे बूदा के रहने वाले किसी व्यक्ति को फूल और फल सहित अन्य प्रकार के पेड़ों के नर्सरी खोलने के लिये दुकान खुलवा दिया है, दुकानदार से पूछे जाने पर दुकानदार बताता है की मेयर ने मौखिक रूप से पार्क मे दुकान चलाने को कहा है, श्रमिक नेता ने मेयर को यह चेतावनी देते हुए कहा है की अगर मेयर ने पार्क मे अवैध रूप से चला रहे दुकान को नही हटवाया और विस्थापित दुकानदारों का विस्थापन के तहत कहीं और दुकान नही दिया तो वह उनके खिलाफ उग्र आंदोलन करने पर बाध्य हो जाएंगे, वहीं इस मामले मे भाजपा के राज्य स्तरीय नेता कृषनेन्दु मुख़र्जी ने कहा की जो लोग दुकान पाने की आस मे बैठे हैं, वह कभी भी दुकान नही पाएंगे, यह सब कट मनी का खेल है, जब वहाँ कोई दुकानदार दुकान चलाकर अपनी जीविका चला रहा था, तो कोरपोरेशन को लगा की वहाँ पार्क बना देना चाहिए, पर पार्क के नाम पर वहाँ किसी एक व्यक्ति का व्यक्तिगत दुकान बनाकर दे दिया गया, ऐसे मे जो लोग वहाँ दुकान चलाकर अपना जीवन यापन करते थे, वह लोग बेरोजगार हो गए और आज तृणमूल का एक श्रमिक नेता उनको न्याय दिलाने के लिये आंदोलन कर रहा है, वो भी उस समय जब चुनाव सामने आ गया, वह तीन वर्षा से क्या कर रहा था, उन्होने कहा की आसनसोल के एचएलजी मोड़ से लेकर धाधका सहित आसनसोल नॉर्थ विधानसभा के कई अन्य इलाके हैं, जहाँ अतिक्रमण की भरमार है, लगातार अतिक्रमण हो भी रहा है, पर उनको हटाने वाला कोई नही, लेकिन इन 42 लोगों को हटाने के लिये कोरपोरेशन ने इतना बड़ा निर्णय ले लिया, रेलपार मे एक काऊंसलर ने कामन्युटी हॉल का टेंडर नही पाते हुए भी उसमे कब्ज़ा जमाकार ताला मारकर रखा, जब हो हल्ला शुरू हुआ मामला थाने तक पहुंचा तब जाकर मामला सांत हुआ, अब पार्क को लेकर चल रहे इस झमेले ने तृणमूल के बिच चल रही अंदरूनी कलह को पूरी तरह सामने रख दिया है, पार्क के खिलाफ और दुकानदारों के नाम पर आंदोलन करने वाले श्रमिक नेता मंत्री मलय घटक के ख़ास लोग हैं और दूसरी तरह हैं मेयर, इसमे इस्तेमाल हो रही है आम जनता और उनको नुकसान का भी सामना करना पड़ रहा है, पर इस झमेले मे दोनो गुट 25 -75 के भाग के लिये आमने -सामने हैं

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