आसनसोल, पश्चिम बर्धमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को आसनसोल में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए पश्चिम बंगाल की राजनीति पर तीखा प्रहार किया और आगामी विधानसभा चुनाव को “परिवर्तन का निर्णायक क्षण” बताया। पोलो मैदान में आयोजित इस रैली में भारी जनसमूह उमड़ा, जिसे देखकर प्रधानमंत्री ने कहा कि यह उत्साह और जनसैलाब संकेत दे रहा है कि “बंगाल में परिवर्तन की हवा अब तूफान बन चुकी है।”
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत बंगाली भाषा में अभिवादन करते हुए की। उन्होंने कहा, “आसनसोल की पुण्य भूमि को प्रणाम करता हूं। मैं मां कल्याणेश्वरी और मां चंडी को नमन करता हूं।” उन्होंने कहा कि पश्चिम बर्धमान की जनता का यह प्यार अभूतपूर्व है और यह स्पष्ट संकेत है कि राज्य की जनता अब बदलाव चाहती है।
रैली में प्रधानमंत्री ने नारे लगवाते हुए कहा, “पलटानो दरकार, बीजेपी सरकार।” उन्होंने दावा किया कि यह आवाज सिर्फ आसनसोल तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि दुर्गापुर, रानीगंज, सालतोड़ा और रघुनाथपुर तक गूंजेगी। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि “टीएमसी के पापों का घड़ा भर चुका है” और आगामी चुनाव में राज्य में “डबल इंजन की सरकार” बनेगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने आरोप लगाया कि राज्य में भ्रष्टाचार और माफिया राज हावी है। उन्होंने कहा कि कोयला माफिया, बालू माफिया और भूमि माफिया ने पूरे क्षेत्र को जकड़ रखा है, जिससे आम जनता और उद्योग दोनों प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा, “आसनसोल और दुर्गापुर कभी देश के बड़े औद्योगिक केंद्र हुआ करते थे, लेकिन आज उद्योग पलायन कर रहे हैं और युवाओं को रोजगार के लिए बाहर जाना पड़ रहा है।”
आर्थिक मुद्दों पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आजादी के समय देश की आय में बंगाल का योगदान 11-12 प्रतिशत था, जो अब घटकर लगभग 5-6 प्रतिशत रह गया है। उन्होंने इसके लिए कांग्रेस, वामपंथ और तृणमूल सरकारों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, “बंगाल के लोगों ने हर पार्टी को मौका दिया, लेकिन सबने केवल धोखा दिया।”
प्रधानमंत्री ने केंद्र सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि पश्चिम बर्धमान और आसनसोल क्षेत्र में 45 हजार करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्य किए गए हैं। उन्होंने दुर्गापुर-हल्दिया गैस पाइपलाइन, वंदे भारत और अमृत भारत ट्रेनों की शुरुआत, अंडाल रेलवे स्टेशन के आधुनिकीकरण और आसनसोल में कार्गो टर्मिनल जैसे प्रोजेक्ट्स का उल्लेख किया। साथ ही, ईएसआई अस्पताल की सुविधाओं के विस्तार का भी जिक्र किया।
उन्होंने राज्य सरकार पर विकास कार्यों में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए कहा कि “राज्य सरकार के विरोध के बावजूद केंद्र बंगाल के विकास के लिए प्रतिबद्ध है।” उन्होंने कहा कि आसनसोल और दुर्गापुर को मेगासिटी बनाया जा सकता है, लेकिन बुनियादी सुविधाओं की कमी, पानी की समस्या, खराब सड़कें और प्रदूषण जैसी समस्याएं आज भी गंभीर बनी हुई हैं।
महिला सुरक्षा के मुद्दे पर प्रधानमंत्री ने टीएमसी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़े हैं और महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं। उन्होंने संदेशखाली और अन्य घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि “महिलाओं को सुरक्षा और सम्मान देने का काम केवल भाजपा कर सकती है।” उन्होंने केंद्र सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि पीएम आवास योजना के तहत महिलाओं को घर दिए जा रहे हैं और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने कानून-व्यवस्था और राजनीतिक हिंसा के मुद्दे पर भी टीएमसी को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में भय का माहौल बनाया गया है, जहां चुनाव के दौरान वोट लूटे जाते हैं और विपक्षी कार्यकर्ताओं पर हमले होते हैं। उन्होंने कहा, “4 मई के बाद बंगाल में कानून का असली राज शुरू होगा और हर गुंडागर्दी का हिसाब लिया जाएगा।”
घुसपैठ के मुद्दे को उठाते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह बंगाल की पहचान और सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ क्षेत्रों में जनसंख्या का संतुलन बदल रहा है और लोगों को धार्मिक स्वतंत्रता तक में बाधा आ रही है।
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने जनता से 23 अप्रैल को बड़ी संख्या में मतदान करने की अपील की। उन्होंने कहा, “आपका एक-एक वोट बंगाल के भविष्य, विकास और सुरक्षा की गारंटी बनेगा।” उन्होंने लोगों से निर्भय होकर मतदान करने और दूसरों को भी प्रेरित करने का आग्रह किया।
प्रधानमंत्री ने भरोसा दिलाया कि यदि राज्य में भाजपा की सरकार बनती है, तो आसनसोल समेत पूरे बंगाल के विकास को नई गति मिलेगी और लोगों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि “इस बार चुनाव सिर्फ सरकार बदलने का नहीं, बल्कि बंगाल को फिर से विकास के रास्ते पर लाने का है।”




