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अवैध मदरसे और मस्जिद इस्लाम में जायज़ नहीं : मौलाना मुजफ्फर हुसैन रजवी

सरकार की कार्रवाई का किया समर्थन, कहा— खरीदी हुई जमीन पर ही बनना चाहिए मदरसा और मस्जिद

आसनसोल: पश्चिम बंगाल में अवैध मदरसों के खिलाफ राज्य सरकार की कार्रवाई को लेकर इस्लाम धर्म प्रचारक और मौलाना मुजफ्फर हुसैन रजवी ने खुलकर समर्थन जताया है। उन्होंने कहा कि इस्लाम धर्म कभी भी अवैध जमीन पर मस्जिद या मदरसा बनाने की इजाजत नहीं देता।
मौलाना रजवी ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति अवैध रूप से जमीन पर कब्जा कर मस्जिद या मदरसा बनाता है, तो वह गलत है और इस्लाम ऐसे कार्य का समर्थन नहीं करता। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मस्जिद और मदरसा केवल वैध और खरीदी हुई जमीन पर ही बनाए जाने चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि यदि कोई व्यक्ति जमीन दान भी करना चाहता है, तब भी इस्लामी नियमों के अनुसार जमीन को विधिवत बेचना जरूरी है, चाहे वह करोड़ों की जमीन प्रतीकात्मक रूप से एक रुपये में ही क्यों न बेची जाए। इसके बाद ही उस जमीन पर धार्मिक संस्थान बनाना उचित माना जाएगा।
मौलाना ने कहा कि मस्जिद और मदरसा निर्माण में समाज के लोग अपनी क्षमता के अनुसार निस्वार्थ सहयोग कर सकते हैं और इसमें कोई रोक नहीं है।
सड़क पर नमाज पढ़ने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि यह केवल मजबूरी की स्थिति में होता है, जब मस्जिदों में नमाजियों के लिए जगह कम पड़ जाती है। उन्होंने कहा कि इस्लाम साफ-सुथरी जगह पर नमाज अदा करने की शिक्षा देता है, जबकि सड़कें अक्सर गंदगी और अशुद्धि से भरी रहती हैं। इसलिए मस्जिद ही नमाज के लिए सबसे उपयुक्त स्थान है।
लाउडस्पीकर को लेकर मौलाना रजवी ने कहा कि इसका उपयोग केवल नमाजियों को नमाज के समय की सूचना देने के लिए कुछ मिनटों तक किया जाता है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ध्वनि नियंत्रण को लेकर कोई नियम लागू करती है तो लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि सरकार के आदेश का पालन और समर्थन करना चाहिए।

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