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आसनसोल ADDA मैदान में ममता बनर्जी की विशाल जनसभा, 9 उम्मीदवारों के लिए मांगे वोट, BJP पर साधा तीखा निशाना

आसनसोल, पश्चिम बर्दवान
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने आसनसोल के ADDA मैदान में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने मंच पर मौजूद 9 विधानसभा उम्मीदवारों के समर्थन में जनता से वोट की अपील की और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर जमकर हमला बोला।
ममता बनर्जी ने अपने भाषण में बीजेपी को राज्य से “विदाई देने” की अपील करते हुए कहा कि अगर बीजेपी सत्ता में रही तो ईडी और सीबीआई का डर दिखाकर लोगों को परेशान किया जाएगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने चुनाव आयोग के साथ मिलकर SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया के जरिए राज्य के करीब 90 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए हैं, जिनमें 60 लाख हिंदू और 30 लाख मुस्लिम शामिल हैं।
ममता ने दावा किया कि इस मुद्दे को लेकर उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जिसके बाद 30 लाख से अधिक लोगों के नाम दोबारा मतदाता सूची में जुड़वाए गए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि किसी भी मतदाता का नाम कटने नहीं दिया जाएगा।
सभा के दौरान ममता बनर्जी ने विभिन्न धर्मों के प्रति एकता और सम्मान का संदेश देते हुए “ला इलाहा इल्लल्लाह”, “छठ मैया की जय”, “वाहे गुरु दी खालसा”, “जय जोहार” समेत कई धार्मिक उद्घोष किए और सभी समुदायों के प्रति प्रेम और सौहार्द व्यक्त किया। साथ ही पश्चिम बर्दवान जिला तृणमूल नेतृत्व का आभार जताया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए ममता बनर्जी ने उन्हें “झूठ बोलने वाला” बताया। उन्होंने कहा कि बीजेपी रैलियों में भीड़ जुटाने के लिए लोगों को पैसे देकर लाती है, जबकि तृणमूल पैदल जुलूस करती है।
उन्होंने केंद्र सरकार पर महिलाओं से किए गए वादे पूरे न करने का आरोप लगाया और कहा कि दिल्ली में महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता देने का वादा अब तक पूरा नहीं हुआ।
ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि बीजेपी “सोनार बांग्ला” की बात करती है, लेकिन राज्य के लिए कोई ठोस काम नहीं किया। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर बीजेपी सच में विकास चाहती है, तो अन्य राज्यों में बंगाल के लोगों के साथ कथित अत्याचार क्यों होते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी समाज को बांटने की राजनीति करती है और चुनाव के समय मतदाताओं के नाम हटाने का काम करती है।
अपने संबोधन के अंत में ममता बनर्जी ने कहा, “बंगाल चुनाव के बाद हम दिल्ली जाएंगे,” और दावा किया कि वे केंद्र की राजनीति में भी बदलाव लाने के लिए तैयार हैं।

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