आसनसोल और दुर्गापुर प्रतिनिधि, 'निर्भीक बंगला': राज्य के विभिन्न अदालत परिसरों में वकीलों और न्यायव्यवस्था से जुड़े लोगों की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच अब आसनसोल और दुर्गापुर के वकील सीधे सड़कों पर उतर आए हैं। सोमवार को पश्चिम बर्धमान जिले के इन दोनों औद्योगिक क्षेत्रों में वकीलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग को लेकर चरणबद्ध तरीके से प्रदर्शन और विरोध मार्च निकाला गया।
सोमवार को आसनसोल अदालत परिसर में वकीलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग को लेकर वकीलों का एक हिस्सा मुखर हो गया। इस दिन आसनसोल कोर्ट के पास व्यस्त घड़ी मोड़ इलाके में यह प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया। आंदोलनरत वकीलों का स्पष्ट आरोप है कि मौजूदा स्थिति में अदालत परिसर में उनकी सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं। यदि काम करने की जगह पर ही सुरक्षा न हो, तो वे किस तरह स्वतंत्र रूप से न्याय चाहने वालों को कानूनी सहायता देंगे, यह सवाल भी उन्होंने उठाया। उन्होंने प्रशासन से तुरंत सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और वकीलों की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की।
दूसरी ओर, इसी मांग को लेकर दुर्गापुर उपमंडल अदालत के वकीलों ने भी इस दिन विरोध प्रदर्शन किया। हाल ही में राज्य के विभिन्न हिस्सों में वकीलों पर हमले, उत्पीड़न और उनकी समग्र सुरक्षा को लेकर पैदा हुई गहरी चिंता के विरोध में दुर्गापुर उपमंडल अदालत परिसर से एक विशाल विरोध मार्च निकाला गया। यह मार्च अदालत परिसर से होते हुए सिटी सेंटर बस स्टैंड क्षेत्र तक गया।
दुर्गापुर के आंदोलनरत वकीलों का आरोप है कि राज्य के विभिन्न स्थानों पर काम करने वाले वकील लगातार असामाजिक तत्वों के हमलों और उत्पीड़न का शिकार हो रहे हैं। स्थिति इस हद तक पहुंच गई है कि अदालत जैसे पवित्र परिसर में भी उनकी सुरक्षा आज खतरे में है। इस खतरनाक स्थिति को समाप्त करने के लिए उन्होंने तुरंत वकीलों के लिए एक विशेष सुरक्षा कवच बनाने की मांग की। साथ ही, अतीत में वकीलों पर हुए सभी हमलों की कड़ी निंदा करते हुए, आरोपियों की तुरंत पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग इस आंदोलन के जरिए की गई। राज्य की न्यायव्यवस्था के मुख्य स्तंभ वकीलों की सुरक्षा को लेकर इस जोरदार आंदोलन के कारण पूरे जिले में तीव्र राजनीतिक और कानूनी हलचल शुरू हो गई है।

