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अपराध

नियामतपुर में एक साइबर ठिकाने पर आरएएफ की तैनाती कर पुलिस ने अचानक छापेमारी की, 12 लोगों की गिरफ्तारी को लेकर राजनीतिक पारा चढ़ गया है।

নির্ভীক বাংলা নিউজ ডেস্ক
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7 सितंबर 2026 को 05:28 pm बजे
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नियामतपुर में एक साइबर ठिकाने पर आरएएफ की तैनाती कर पुलिस ने अचानक छापेमारी की, 12 लोगों की गिरफ्तारी को लेकर राजनीतिक पारा चढ़ गया है।
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आसनसोल के कुल्टी थाने के अंतर्गत नियामतपुर हरिजन पाड़ा और आसपास के इलाकों में एक बड़े साइबर अपराध रैकेट और अवैध कॉल सेंटर का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस की अचानक छापेमारी से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। 7 सितंबर की सुबह से आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट और साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से यह तलाशी अभियान चलाया। स्थिति से निपटने के लिए इलाके में रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और कॉम्बैट फोर्स सहित एक भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।

पुलिस ने लंबे समय से चल रही इन अवैध गतिविधियों के मुख्य केंद्रों की पहचान कर ली। शाम को आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस के एसीपी (साइबर) राहुल पांडे ने एक प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि छापेमारी अभी भी जारी है और कई पुलिस टीमें इस अभियान में हिस्सा ले रही हैं। इस घटना के सिलसिले में अब तक कुल 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार लोगों के पास से 3 लाख रुपये नकद और भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं। बरामद वस्तुओं में कई लैपटॉप, कंप्यूटर, राउटर, एंड्रॉइड फोन, आईफोन, क्रेडिट कार्ड, कीबोर्ड, बैंक पासबुक और बड़ी संख्या में सिम कार्ड शामिल हैं।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने सुबह हरिजन पाड़ा के कई चुनिंदा घरों में छापेमारी की। कुछ मामलों में बंद घरों के ताले तोड़कर तलाशी ली गई। इलाके की सुरक्षा की जांच करते हुए पुलिस ने पाया कि उस मोहल्ले के लगभग हर घर में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। आशंका है कि यह व्यवस्था इसलिए की गई थी ताकि अपराधी पुलिस की गतिविधियों पर नजर रख सकें। नियामतपुर चौकी के अंतर्गत मुचीपारा सहित विभिन्न बिंदुओं पर पुलिस द्वारा साइबर अपराध पर अंकुश लगाने के लिए निगरानी भी बढ़ा दी गई है।

एसीपी (साइबर) राहुल पांडे ने आगे बताया कि राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल या राष्ट्रीय साइबर अपराध ब्यूरो से प्राप्त विशिष्ट जानकारी के आधार पर इलाके की पहचान करने के बाद यह अभियान शुरू किया गया था। अकेले इस विशिष्ट क्षेत्र में इतने सारे सीसीटीवी कैमरों के स्थापित किए जाने की बहुत ही गंभीरता से जांच की जा रही है। शुरुआती जांच से पता चला है कि जिन घरों से कंप्यूटर या लैपटॉप बरामद किए गए हैं, वहां के आम सदस्यों को इन तकनीकी मामलों या कंप्यूटर चलाने के बारे में कोई जानकारी नहीं है। माना जा रहा है कि इसके पीछे कोई बड़ा सिंडिकेट काम कर रहा है। जांचकर्ता इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि क्या इस साइबर अपराध गिरोह का कुख्यात 'जामताड़ा गैंग' से कोई सीधा संबंध है। पुलिस गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लेकर रैकेट के मुख्य सरगनाओं की तलाश कर रही है।

इस घटना को लेकर राजनीतिक विवाद भी खड़ा हो गया है। आसनसोल जिला भाजपा के महासचिव केशव पोद्दार ने इस मामले पर अपनी बात रखी। उन्होंने राज्य सरकार और सत्ताधारी पार्टी को निशाना बनाते हुए तीखा हमला बोला। राज्य में जीरो टॉलरेंस नीति लागू करने की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उत्तर प्रदेश की तर्ज पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि साइबर अपराध या जमीन घोटाले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस प्रशासन की इस बड़ी सफलता के बाद, पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कुल्टी और नियामतपुर क्षेत्रों में साइबर अपराध की जड़ें कितनी गहरी हैं।

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প্রধান সম্পাদক ও প্রকাশক, নির্ভীক বাংলা।

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