आसनसोल में 10 वर्षीय नाबालिग बच्चे के साथ यौन शोषण के गंभीर आरोप एक शिक्षक पर लगे हैं। इस घटना से पश्चिम बर्धमान जिले के हीरापुर थाना क्षेत्र के ध्रुव डांगा इलाके में भारी सनसनी और तनाव फैल गया है। समाज के मार्गदर्शक और प्रेरक माने जाने वाले शिक्षक पर इस तरह के जघन्य आरोप लगने पर जागरूक स्थानीय नागरिकों ने इसकी कड़े शब्दों में निंदा की है।
स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी शिक्षक ट्यूशन पढ़ाता है और एक प्रतिष्ठित स्थानीय कोचिंग सेंटर से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि पढ़ाई में बच्चे के थोड़ा कमजोर होने का बहाना बनाकर आरोपी शिक्षक ने अतिरिक्त कक्षाओं का आश्वासन देकर बच्चे के परिवार को झांसा दिया और बच्चे की शिक्षा की जिम्मेदारी लेने का भरोसा दिलाया। इसी बहाने उसने पिछले कुछ दिनों से बच्चे को पढ़ाई के लिए अपने घर भेजने को कहा था।
परिजनों का आरोप है कि एक्स्ट्रा ट्यूशन के बहाने खाली घर में बच्चे को अकेला पाकर इस क्रूर और अमानवीय अपराध को अंजाम दिया गया। हालांकि बच्चा शुरुआत में डर के मारे चुप रहा, लेकिन बाद में उसके व्यवहार में असामान्यता देखी गई, जिसके बाद उसने पूरी घटना की जानकारी परिजनों को दी। यह चौंकाने वाली जानकारी सामने आते ही बच्चे के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। बिना समय गंवाए, परिवार ने हिम्मत जुटाकर आरोपी शिक्षक के खिलाफ हीरापुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
परिजनों की शिकायत के आधार पर मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आया। शिकायत दर्ज होने के तुरंत बाद भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और आरोपी शिक्षक को हिरासत में लेकर थाने ले जाने की तैयारी करने लगा। लेकिन जैसे ही पुलिस ने आरोपी को गाड़ी में बिठाने का प्रयास किया, स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई। खबर फैलते ही कुछ ही पलों में सैकड़ों स्थानीय लोग और आक्रोशित अभिभावक मौके पर इकट्ठा हो गए।
पुलिस की मौजूदगी में भी उग्र भीड़ का गुस्सा फूट पड़ा। आरोप है कि पुलिस के सामने ही आरोपी शिक्षक को घेरकर जूते-चप्पलों से पीटा गया। एक समय जब लोग कानून अपने हाथ में लेने पर आमादा हो गए, तो स्थिति बेकाबू हो गई। परिस्थितियों से मजबूर होकर पुलिस बल को कड़े कदम उठाने पड़े और उत्तेजित भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
इस दुखद घटना को लेकर पूरे आसनसोल औद्योगिक क्षेत्र में आक्रोश और विरोध की लहर दौड़ गई है। एक शिक्षक के खिलाफ ऐसा दरिंदगी भरा आरोप सामने आने से समाज की बुनियाद हिल गई है। मासूम बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक बेहद चिंतित हैं। शिक्षक समुदाय की नैतिकता और ऐसे व्यक्तियों के नैतिक पतन पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं।
फिलहाल हीरापुर पुलिस ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। बच्चे की मेडिकल जांच और गोपनीय बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया चल रही है। पुलिस प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि आरोपों की पूरी सच्चाई की जांच के बाद आरोपी शिक्षक के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सबकी नजरें अब पुलिस जांच की प्रगति और अदालत के फैसले पर टिकी हैं।
गौरतलब है कि कानूनी प्रावधानों और उच्चतम न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए, तथा पीड़ित बच्चे की पहचान और गोपनीयता की पूरी सुरक्षा के हित में, बच्चे का नाम, तस्वीर या पहचान का कोई भी विवरण मीडिया में उजागर नहीं किया जा रहा है।

