कोलकाता, 21 जुलाई को तृणमूल कांग्रेस द्वारा हर वर्ष आयोजित किए जाने वाले शहीद दिवस कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने फेसबुक लाइव के जरिए कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने 21 जुलाई 1993 की घटना को याद करते हुए कहा कि उनकी पार्टी वर्षों से शहीद तर्पण करती आ रही है। ममता बनर्जी ने कहा, "21 जुलाई को शहीद तर्पण होगा। हम लोग 40 वर्षों से शहीद तर्पण करते आ रहे हैं। 'नो आईडी कार्ड, नो वोट' की लड़ाई हमारे कार्यकर्ताओं ने शुरू की थी। उस समय मैं युवा कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष थी। मैं स्वयं घायल हुई थी। मेरे सामने टियर गैस छोड़ी गई, गोली चलाई गई और मुझे मारने के लिए बंदूक तक तान दी गई थी।" उन्होंने यह भी कहा कि यह घटना वाम मोर्चा सरकार के कार्यकाल की है और उनका इशारा विशेष रूप से तत्कालीन सीपीएम सरकार की ओर था। गौरतलब है कि 21 जुलाई 1993 को तत्कालीन युवा कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ममता बनर्जी के नेतृत्व में फोटो पहचान पत्र को अनिवार्य करने की मांग को लेकर राइटर्स बिल्डिंग तक मार्च निकाला गया था। प्रदर्शन के दौरान पुलिस फायरिंग में 13 कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मौत हुई थी। बाद में 1998 में तृणमूल कांग्रेस के गठन के बाद से ममता बनर्जी इस दिन को शहीद दिवस के रूप में मनाती आ रही हैं। हालांकि, अपने संबोधन में ममता बनर्जी द्वारा "40 वर्षों से शहीद तर्पण" किए जाने का दावा चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि 21 जुलाई 1993 की घटना को वर्ष 2026 में 33 वर्ष पूरे हुए हैं, जबकि तृणमूल कांग्रेस का गठन 1 जनवरी 1998 को हुआ था। इस बयान को लेकर राजनीतिक हलकों में बहस शुरू हो गई है।
राजनीति
33 साल की घटना पर ममता का 40 साल वाला दावा शहीद दिवस को लेकर बयान से छिड़ा नया विवाद
कोलकाता, 21 जुलाई को तृणमूल कांग्रेस द्वारा हर वर्ष आयोजित किए जाने वाले शहीद दिवस कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने फेसबुक लाइव के जरिए कार्यक...

कोलकाता, 21 जुलाई को तृणमूल कांग्रेस द्वारा हर वर्ष आयोजित किए जाने वाले शहीद दिवस कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री और तृणम — विस्तृत समाचार पढ़ें निर्भीक बांग्ला पर।|निर्भीक बांग्ला फोटो
