पुलिस ने एक साइबर धोखाधड़ी के मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। दुर्गापुर से एक कुख्यात युवक को गिरफ्तार किया गया है, जिसे जांचकर्ताओं ने इस गिरोह का 'मास्टरमाइंड' बताया है। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान सोनू मंडल के रूप में हुई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, कुख्यात जामताड़ा गिरोह से सीधे संबंध रखते हुए वह दुर्गापुर और उसके आसपास के इलाकों में एक शक्तिशाली साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क चला रहा था।
पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, दुर्गापुर टाउनशिप क्षेत्र के निवासी सोनू ने आम लोगों को वित्तीय प्रलोभन और आसानी से पैसे कमाने का झांसा देकर कई युवक-युवतियों को इस अवैध गिरोह में शामिल कर लिया था। इसके बाद, उनके माध्यम से मुख्य रूप से आम लोगों के बैंक खातों से पैसे चुराने जैसी साइबर धोखाधड़ी की गतिविधियों को अंजाम दिया जाता था। लंबे समय से यह गिरोह विभिन्न हथकंडों का इस्तेमाल कर पुलिस और प्रशासन को चकमा दे रहा था।
एक गोपनीय सूत्र से मिली पुख्ता सूचना के आधार पर, प्रांतिक चौकी की पुलिस ने रविवार देर रात सोनू के घर पर अचानक छापा मारा। तलाशी के दौरान उसके घर से कई लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य हाई-टेक इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स बरामद किए गए। इन सभी उपकरणों की फोरेंसिक जांच की व्यवस्था की जा रही है, जिससे जांचकर्ताओं को कई और सनसनीखेज खुलासे होने की उम्मीद है।
सोमवार को गिरफ्तार सोनू Mondal को कड़ी सुरक्षा के बीच दुर्गापुर अनुमंडल न्यायालय में पेश किया गया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, न्यायाधीश ने उसे दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। इस विशाल साइबर अपराध गिरोह में और कौन-कौन शामिल है, उनका नेटवर्क कहां तक फैला है, यह पता लगाने के लिए पुलिस ने अब उसे पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है और इस गिरोह के सरगना तक पहुंचने के लिए सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। दुर्गापुर औद्योगिक क्षेत्र में ऐसे साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस प्रशासन ने अब कड़े कदम उठाए हैं।

