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सात एईआरओ अधिकारीयों के निलंबन पर भड़की ममता चुनाव आयोग पर लगाए कई गंभीर आरोप

कोलकाता, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले बंगाल मे चल रही एसआईआर परिकिर्या के दौरान चुनाव आयोग ने सात एईआरओ को निलंबित कर दिया है, जिसको लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बै...

Abdul Haque
Abdul Haque
17 जून 2026 को 11:36 am बजे
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सात एईआरओ अधिकारीयों के निलंबन पर भड़की ममता चुनाव आयोग पर  लगाए कई गंभीर आरोप
कोलकाता, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले बंगाल मे चल रही एसआईआर परिकिर्या के दौरान चुनाव आयोग ने सात एईआरओ को निलंबि — विस्तृत समाचार पढ़ें निर्भीक बांग्ला पर।|निर्भीक बांग्ला फोटो

कोलकाता, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले बंगाल मे चल रही एसआईआर परिकिर्या के दौरान चुनाव आयोग ने सात एईआरओ को निलंबित कर दिया है, जिसको लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी चुनाव आयोग के द्वारा उठाए गए इस कदम को लेकर भड़क गई हैं और उन्होंने राज्य सचिवालय नवान्न मे एक संवाददाता सम्मलेन कर पत्रकारों को यह बताया की वह चुनाव आयोग द्वारा उठाए गए इस कदम पर खामोश नही बैठेंगी, वह अपने अधिकारीयों के पक्ष मे खड़ी रहेंगी, इसके अलावा उन्होंने चुनाव आयोग पर सुप्रीमकोर्ट के नियम का उलंघन करने का आरोप भी लगाया, साथ मे उन्होंने यह भी कहा की वह चुनाव आयोग द्वारा डिमोटेड किए जाने वालों को वह अलग-अलग क्षेत्रों में ‘प्रमोट’ करेगी. इसके बाद उनको दो साल के प्रोबेशन पीरियड (परिवीक्षा अवधि) और तीन साल तक बीडीओ के रूप में काम करने के बाद उनको एसडीओ के पद पर पदोन्नत भी किया जाएगा, इसके अलावा उन्होंने चुनाव आयोग पर यह आरोप लगाते हुए कहा की एक राजनीतिक दल द्वारा संचालित ‘तुगलकी आयोग’ बन गया है. चुनाव आयोग आम लोगों को आतंकवादियों की तरह समझ रहा है. बीजेपी के निर्देश पर, चुनाव आयोग एसआईआर के दौरान बंगाल के मतदाताओं के नाम हटा रहा है. साथ ही उन्होंने भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी निर्देशों की अवहेलना करने का आरोप भी लगाया, ममता ने निलंबित सात अधिकारियों के मामले में सरकार का पक्ष स्पष्ट किया. उन्होंने कहा कि वे काम करेंगे. वे चुनाव के अलावा अन्य काम भी करेंगे वे जिले में अच्छा काम करेंगे. उन्हें बर्खास्त नहीं किया जा रहा है.ममता ने आयोग से पूछा, “ईआरओ को निलंबित करने का कारण क्या है? आपने निलंबित ईआरओ से पूछा कि उनका अपराध क्या है, उनकी गलती क्या है?” मुख्यमंत्री ने दावा किया, हमें कार्रवाई करने के लिए मजबूर होना पड़ा क्योंकि आयोग ने हमें ऐसा करने को कहा था. इसके बाद उन्होंने आश्वासन दिया कि निलंबित सातों अधिकारी चुनाव कार्य के अलावा अन्य काम भी करेंगे. ममता ने अधिकारियों के निलंबन की तुलना तृणमूल के किसी सदस्य द्वारा की गई गलती पर की जाने वाली कार्रवाई से की और इसे ‘प्रक्रियात्मक त्रुटि’ बताया. उन्होंने कहा कि “यदि कोई गंभीर गलती नहीं होती है, तो हम पहले कारण बताओ नोटिस जारी करते हैं. उसके बाद मामला अनुशासनात्मक समिति के पास जाता है. निलंबन उस समिति की सिफारिशों के आधार पर किया जाता है.” हालांकि, उनके खिलाफ जांच जारी है. इस मुद्दे का जिक्र करते हुए ममता ने कहा कि उन सात अधिकारियों के खिलाफ जांच की जाएगी। उसके बाद फैसला लिया जाएगा। फिलहाल, वे चुनाव संबंधी कार्यों से बाहर रहकर काम करते रहेंगे

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প্রধান সম্পাদক ও প্রকাশক, নির্ভীক বাংলা।

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