"दुर्गापुर खेलेगा, दुर्गापुर जीतेगा" के प्रेरणादायक नारे के साथ, औद्योगिक शहर दुर्गापुर में राष्ट्रीय खेल दिवस का आयोजन बड़े उत्साह के साथ शुरू हुआ। भारतीयों को खेलों से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित करने और हॉकी के महान जादूगर मेजर ध्यानचंद को श्रद्धांजलि देने के उद्देश्य से, शनिवार सुबह से ही शहर में खेल प्रेमियों की उल्लेखनीय उपस्थिति देखी गई।
शनिवार सुबह, शहर के प्रमुख स्थलों में से एक सिद्धू कान्हू इंडोर स्टेडियम परिसर से एक भव्य और रंगारंग रैली निकाली गई। इस रैली में विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों के बड़ी संख्या में छात्रों, स्थानीय खेल क्लबों के सदस्यों और खेल प्रेमी आम लोगों ने स्वतःस्फूर्त रूप से भाग लिया। बैनर, तख्तियों और राष्ट्रीय ध्वज से सजी इस सुसज्जित रैली ने शहर की कई महत्वपूर्ण सड़कों का भ्रमण किया और भगत सिंह स्टेडियम में समाप्त हुई। दुर्गापुर पश्चिम के विधायक लक्ष्मण चंद्र घोरुई ने विशेष अतिथि के रूप में रैली में भाग लिया। उनके साथ शहर के कई प्रमुख व प्रसिद्ध पूर्व खिलाड़ी और खेल आयोजक भी मौजूद थे।
रैली के बाद, भगत सिंह स्टेडियम में ध्वजारोहण के साथ खेल दिवस के मुख्य कार्यक्रम का शुभ उद्घाटन किया गया। इसके पश्चात, अतिथियों ने मेजर ध्यानचंद के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक लक्ष्मण चंद्र घोरुई ने कहा, "खेल न केवल शारीरिक स्वस्थता की कुंजी है, बल्कि यह युवाओं को अनुशासित और मानसिक रूप से मजबूत भी बनाता है। दुर्गापुर के खेल बुनियादी ढांचे के विकास और स्थानीय प्रतिभाओं को आगे लाने के लिए ऐसी पहल अत्यंत सराहनीय है।"
आयोजन समिति के अनुसार, राष्ट्रीय खेल दिवस का यह उत्सव केवल एक दिवसीय रैली तक सीमित नहीं रहेगा। इस अवसर पर पूरे दुर्गापुर में एक सप्ताह तक खेल से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों, मैत्रीपूर्ण फुटबॉल मैचों, एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं और टेबल टेनिस जैसे इंडोर खेलों का आयोजन किया गया है। इस भव्य पहल का मुख्य उद्देश्य शहर के बच्चों और युवा पीढ़ी को डिजिटल स्क्रीन तथा आलस्य से दूर कर खेल के मैदानों की ओर ले जाना और खेल जगत में दुर्गापुर का नाम रोशन करना है।

