नामोकेशिया, अपर केशिया, जीतपुर से अवैध बालू उठाव का दावा, बिहार और पुरुलिया के चालानों में हेरफेर कर पश्चिम बर्धमान की फैक्ट्रियों तक बालू पहुंचाने का आरोप, AIMIM जिलाध्यक्ष दानिश अजीज ने भाजपा नेताओं के कथित संरक्षण पर उठाए सवाल, भाजपा विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी ने आरोपों को बताया बेबुनियाद।
आसनसोल, पश्चिम बंगाल के आसनसोल अंतर्गत बराबनी विधानसभा क्षेत्र के सलानपुर ब्लॉक में कथित अवैध बालू तस्करी को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। आरोप है कि नामोकेशिया, अपर केशिया और जीतपुर इलाके से रात के अंधेरे में बालू उठाकर कथित रूप से फर्जी चालानों के सहारे पश्चिम बर्धमान जिले की विभिन्न फैक्ट्रियों तक पहुंचाया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि इस काम में बिहार और पुरुलिया के चालानों का इस्तेमाल किया जा रहा है। हालांकि, चालानों में कथित हेरफेर और बालू की अवैध ढुलाई की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
इस मामले को लेकर AIMIM के पश्चिम बर्धमान जिलाध्यक्ष दानिश अजीज ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि दीप नाम का एक युवक कथित तौर पर इस कारोबार में शामिल है और उसे कुछ भाजपा नेताओं का समर्थन प्राप्त है। दूसरी ओर, भाजपा विधायक एवं पार्टी के राज्य स्तरीय नेता कृष्णेंदु मुखर्जी ने भाजपा पर लगाए गए आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे पार्टी को बदनाम करने की कोशिश बताया है।
जब्त बालू की नीलामी के बाद भी कथित अवैध कारोबार
गौरतलब है कि सलानपुर ब्लॉक के विभिन्न इलाकों में वर्ष 2025 के दौरान जिला और पुलिस प्रशासन द्वारा बालू के भंडार जब्त किए गए थे। जिला स्तरीय बालू समिति की 7 जुलाई 2026 की बैठक की कार्यवाही में इन जब्त और लावारिस बालू भंडारों की ई-नीलामी कराने का निर्णय दर्ज है। इस प्रक्रिया में कई कंपनियों ने भाग लिया था और कुछ कंपनियों को जब्त बालू उठाने का काम भी मिला।
लेकिन अब आरोप है कि नीलामी के तहत आवंटित बालू उठाने के साथ-साथ कुछ स्थानों से कथित तौर पर अवैध रूप से बालू उठाकर उसकी ढुलाई की जा रही है। यदि इन आरोपों की पुष्टि होती है, तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि बालू परिवहन के चालानों की जांच कैसे हो रही है और संबंधित इलाकों में निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी है।
AIMIM जिलाध्यक्ष का दावा—सरकार बदली, लेकिन कथित धंधा नहीं रुका
AIMIM जिलाध्यक्ष दानिश अजीज ने आरोप लगाया कि दीप नाम का युवक तृणमूल कांग्रेस की पिछली सरकार के कार्यकाल में भी सलानपुर ब्लॉक के नदी घाटों से कथित रूप से अवैध बालू उठाने और उसकी तस्करी करने में शामिल था।
उनका दावा है कि वर्ष 2026 में राज्य में भाजपा की सरकार बनने के बाद भी यह गतिविधि कथित तौर पर जारी है। दानिश अजीज ने आरोप लगाया कि अब कुछ भाजपा नेताओं के कथित समर्थन से बालू तस्करी का यह खेल चल रहा है।
हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में उपलब्ध जानकारी के आधार पर किसी व्यक्ति या नेता की संलिप्तता को प्रमाणित नहीं माना जा सकता। संबंधित युवक और कथित रूप से आरोपित नेताओं का पक्ष सामने आना भी बाकी है।
कृष्णेंदु मुखर्जी का पलटवार—भाजपा को बदनाम करने की कोशिश
भाजपा विधायक एवं राज्य स्तरीय नेता कृष्णेंदु मुखर्जी ने भाजपा नेताओं के संरक्षण में अवैध बालू कारोबार चलने के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा पर लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह गलत और बेबुनियाद हैं तथा पार्टी को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि कोई व्यक्ति अवैध रूप से नदी से बालू उठाने या उसकी तस्करी करने में शामिल पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि अवैध गतिविधियों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
प्रशासन की जांच पर टिकी निगाहें
सलानपुर ब्लॉक के नामोकेशिया, अपर केशिया और जीतपुर इलाके में कथित अवैध बालू उठाव और फर्जी चालानों के इस्तेमाल के आरोपों के बीच अब प्रशासनिक जांच महत्वपूर्ण हो गई है। परिवहन चालानों, बालू उठाने की अनुमति, नीलामी के दस्तावेजों और वाहनों की आवाजाही के रिकॉर्ड की जांच से वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
फिलहाल, मामला राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच है। AIMIM जिलाध्यक्ष ने कथित अवैध कारोबार और राजनीतिक संरक्षण का आरोप लगाया है, जबकि भाजपा विधायक ने इन आरोपों को खारिज करते हुए सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब देखना होगा कि संबंधित प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं।

