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PM মোদির সভায় 450 জনের মোবাইল-পার্স চুরি, আসানসোলে বিশৃঙ্খলা

আসানসোল, পশ্চিমবঙ্গ আসানসোলের পোলো গ্রাউন্ডে অনুষ্ঠিত প্রধানমন্ত্রী নরেন্দ্র মোদির বিশাল জনসভা চলাকালীন, একদিকে হাজার হাজার ভিড় তাদের নেতাকে শুনতে ও দেখতে জড়ো হয়েছিল, অন্যদিকে ...

Abdul Haque
Abdul Haque
১২ জুলাই, ২০২৬ এ ০৩:৩৬ PM
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PM মোদির সভায় 450 জনের মোবাইল-পার্স চুরি, আসানসোলে বিশৃঙ্খলা
আসানসোল, পশ্চিমবঙ্গ আসানসোলের পোলো গ্রাউন্ডে অনুষ্ঠিত প্রধানমন্ত্রী নরেন্দ্র মোদির বিশাল জনসভা চলাকালীন, একদিকে হাজার হাজার ভিড় তাদের নেতাক|নির্ভীক বাংলা ফটো

आसनसोल, पश्चिम बंगाल आसनसोल के पोलो मैदान में आयोजित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विशाल जनसभा के दौरान एक ओर जहां हजारों की भीड़ अपने नेता को सुनने और देखने के लिए उमड़ी, वहीं दूसरी ओर इस भीड़ का फायदा उठाकर जेबकतरों ने जमकर हाथ साफ किया। जानकारी के अनुसार, सभा के दौरान करीब 450 लोगों के मोबाइल फोन और पर्स चोरी होने की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जैसे-जैसे भीड़ बढ़ती गई, वैसे-वैसे जेबकतरों का गिरोह भी सक्रिय होता गया। लोगों का कहना है कि कई संगठित गिरोह इस भीड़ में पहले से मौजूद थे और मौका मिलते ही उन्होंने लोगों को निशाना बनाना शुरू कर दिया। सभा खत्म होने के बाद बड़ी संख्या में लोग अपने मोबाइल और पर्स गायब होने की शिकायत करते नजर आए। रंगे हाथ पकड़े गए कुछ आरोपी घटना के दौरान कुछ सतर्क लोगों ने जेब काटते हुए संदिग्ध व्यक्तियों को पकड़ लिया। पकड़े गए आरोपियों को तुरंत ही हीरापुर थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया। हालांकि, यह संख्या काफी कम बताई जा रही है, जबकि बड़ी संख्या में जेबकतरे भीड़ का फायदा उठाकर फरार होने में सफल रहे। पुलिस पर लापरवाही का आरोप घटना के बाद पीड़ित लोग जब हीरापुर थाना शिकायत दर्ज कराने पहुंचे, तो उन्होंने पुलिस पर लापरवाही और टालमटोल का आरोप लगाया। कई लोगों का कहना है कि शुरुआत में पुलिस शिकायत लेने में आनाकानी कर रही थी, जिससे पीड़ितों में नाराजगी बढ़ गई। एक पीड़ित ने बताया, “हमारा मोबाइल चोरी हो गया, जब हम थाने पहुंचे तो पहले तो हमारी बात ठीक से सुनी ही नहीं गई। काफी देर तक इंतजार करना पड़ा।” राजनीतिक रंग भी आया सामने मामले ने जल्द ही राजनीतिक रंग भी ले लिया, जब भाजपा उम्मीदवार अग्निमित्रा पाल अपने समर्थकों के साथ हीरापुर थाना पहुंचीं। उन्होंने पुलिस पर दबाव बनाते हुए सभी पीड़ितों की शिकायत दर्ज करने की मांग की। उनके हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया तेज कर दी। अग्निमित्रा पाल ने कहा कि इतनी बड़ी सभा में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए थे, लेकिन प्रशासन पूरी तरह विफल साबित हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम लोगों की सुरक्षा के प्रति पुलिस की गंभीरता नहीं दिखी। सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल इतने बड़े स्तर पर चोरी की घटनाओं के सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों और राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि जब प्रधानमंत्री की सभा जैसे हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम में भी ऐसी घटनाएं होती हैं, तो यह प्रशासन की बड़ी चूक को दर्शाता है। सभा में हजारों की संख्या में लोग मौजूद थे, लेकिन भीड़ को नियंत्रित करने और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात नहीं होने की बात सामने आ रही है। पुलिस का पक्ष इस मामले में पुलिस का कहना है कि उन्हें कई शिकायतें प्राप्त हुई हैं और जांच शुरू कर दी गई है। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और बाकी आरोपियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों ने यह भी दावा किया है कि जल्द ही इस मामले में और गिरफ्तारियां की जाएंगी और पीड़ितों को न्याय दिलाने का प्रयास किया जाएगा। पीड़ितों में नाराजगी घटना के बाद पीड़ितों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। कई लोगों ने कहा कि वे प्रधानमंत्री की सभा में उत्साह के साथ शामिल होने आए थे, लेकिन उन्हें ऐसी घटना का सामना करना पड़ा, जिससे उनका अनुभव खराब हो गया। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि प्रशासन को ऐसे बड़े आयोजनों में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर और ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। निष्कर्ष आसनसोल में आयोजित इस जनसभा ने जहां एक ओर राजनीतिक रूप से बड़ा संदेश देने की कोशिश की, वहीं दूसरी ओर चोरी की इन घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी। अब देखना होगा कि पुलिस इस मामले में कितनी तेजी से कार्रवाई करती है और पीड़ितों को कितना न्याय मिल पाता

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প্রধান সম্পাদক ও প্রকাশক, নির্ভীক বাংলা।

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